THEMES

LIFE (53) LOVE (29) IRONY (25) INSPIRATIONAL (10) FRIENDSHIP (7) NATURE (3)

Saturday, February 18, 2012

अनजाना ही अच्छा हूँ...














मुझे जान कर करोगे क्या 
अनजाना ही अच्छा हूँ 
भीड़ में खोया खोया सा 
बेगाना ही अच्छा हूँ

भला, नाम में  क्या रखा है? 
इस प्रकृति का ही बच्चा हूँ
समझा हुआ सा नासमझ 
थोडा पगला सा ही अच्छा हूँ 

कि प्यार है मुझमे भी 
भक्त सौन्दर्य का मैं सच्चा हूँ
यूँ संबंधों में ना जक्ड़ो में 
आज़ाद दीवाना अच्छा हूँ 

कभी खुश हूँ, कभी व्याकुल 
भावुक हूँ, थोडा सा बच्चा हूँ 
जिंदगी सफ़र, बस चलता रहा 
मुसाफिर मस्ताना अच्छा हूँ  

17 comments:

sushma verma said...

खुबसूरत रचना अभिवयक्ति..

Skyss said...

bahot khub anjaane ji isme se azaadi ki mahek aa rahi hai

meghna said...

so well expressed.. going gr8

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

वाह!!!!!भावपूर्ण बहुत अच्छी अभिव्यक्ति,सुंदर रचना

MY NEW POST ...काव्यान्जलि...सम्बोधन...

Shashank said...

Short and sweet... nice one

M VERMA said...

बहुत खूब

लोकेन्द्र सिंह said...

यूं संबंधों में न जकड़ो मैं आजादी का दीवाना हूं.. संबंध बंधन नहीं होते दोस्त...
अच्छी कविता।

Keyur said...

वाह.... हमारे जाने पहचाने............. अनजाने......... क्या लिखा है आपने ................

princy said...

jan kar bhi bahot acche ho...

दिगम्बर नासवा said...

Yun hi khushiyon bhara safar chalti rahe to kya baat hai ... Madhur bhav liye sundar geet ...

Ruchi Jain said...

Ya, thats the way, whatever u r,, khud ke liye acha hoon, then only life can be alive..

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बढ़िया,बेहतरीन अच्छी प्रस्तुति,.....

MY NEW POST...आज के नेता...

Shreya said...

Nice one, Prakash! :)

Pushpendra Vir Sahil पुष्पेन्द्र वीर साहिल said...

मुसाफिर ! आपका ये कविताओं का खूबसूरत सफ़र चलता रहे..
बहुत सुन्दर !

Anonymous said...

so sweet :)

Jyoti Mishra said...

very light and lovely lines..
some contradictory situations very well explained.

Loved it as ever

Unknown said...

Nice one

Post a Comment

Your comments/remarks and suggestions are Welcome...
Thanks for the visit :-)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...