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Wednesday, January 4, 2012

कोई और दीवाना लगता है...



ये कविता थोड़ी प्रयोगात्मक है...ख्याल यूँ है एक प्रेमी की प्रेमिका का विवाह किसी और से हो जाता है ...वह उसके विवाह की तसवीरें देख रहा है...उसकी मनोभावना यहाँ प्रस्तुत करने का प्रयास है...






तसवीरें देखी 
तेरी शादी की 
सबकुछ जाना-पहचाना सा 
लगता है 
पर पास तेरे जो बैठा है
कोई और दीवाना लगता है...

कभी खुश दिखी तुम 
कभी गुम- सुम सी 
ख्यालों ने सताया लगता है 
जिस गाने पर तुम नाची थी 
कभी हमें सुनाया लगता है 

माहोल वही है 
महफ़िल भी 
सपना दोहराया लगता है 
पर पास तेरे जो बैठा है 
कोई और दीवाना लगता है... 

25 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:) प्रयोगात्मक रचना अच्छी लगी ... काश वो पास बैठा दीवाना कोई और नहीं होता :):)

Keyur said...

"On Love's Wedding" bit current topic now a days............Good one .........

दिगम्बर नासवा said...

अच्छा चित्र खींचा है अपने इस मंज़र का ...

Reena Maurya said...

उस प्रेमी कि आप बीती बताने में आप समर्थ रहे
बहूत सुंदर और बखुबी तरीके से आपने उस प्रेमी के दर्द को..
शब्दो का रूप दिया है...
बहूत सुंदर भावभिव्यक्ती है...

kanu..... said...

:) pyari kavita hai....kai logo ke sath hota hoga ye to

मनीष सिंह निराला said...

very nice...
its true

Mamta Bajpai said...

बहुत खूब

रश्मि प्रभा... said...

रचना बहुत कुछ कहती है...

Shreya said...

:) nice. *smiling*

pushpendra said...

very touching my dear! Would surely like to share it it you don't mind!

dheerendra said...

bhut sunder,

Ruchi Jain said...

well expression of a lover on his love's love.

Ms. Capricious said...

As Keyur said, very common topic, but the only word that came from my mouth is "Wow" . A simple heart touching(rather wrenching) poem. Loved it, to the core ! :)

M VERMA said...

दीवाना ही होगा ....
सुन्दर रचना

Rohit Singh said...

boss bahut dard bhari kavita lage!!:)
kahi ye ap-bete to nhi?

संजय भास्कर said...

Beautiful as always.
It is pleasure reading your poems.

कौशल किशोर said...

बहुत अच्छा चित्रण है...
सकारात्मक सोच ....
मेरा ब्लॉग ज्वाइन करने के लिए इस लिंक पर जायें.
http://dilkikashmakash.blogspot.com/

sushma 'आहुति' said...

waah!@ bhaut khub...

Sunil Kumar said...

बहुत खूबसूरती से अपना दर्द छिपाया लगता हैं .......

vidya said...

बहुत सुन्दर...
वाह!!!

Amit Chandra said...

waah behtrin rachna. khubsurat bhav.

Rajput said...

पर पास तेरे जो बैठा है
कोई और दीवाना लगता है...
खुबसूरत रचना के लिए . बधाई

dheerendra said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति,बेहतरीन वाह!!!!!!क्या बात है
welcome to new post --काव्यान्जलि--यह कदंम का पेड़--
फालोवर बन रहा हूँ,.....

Amrita Tanmay said...

सच कहा जाए तो बिलकुल ऐसी ही मनोदशा होती होगी प्रेमी की जिसे सुन्दर भाव दिया है आपने..

देवेन्द्र पाण्डेय said...

:)

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