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Thursday, December 1, 2011

बेपरवाह...









परवाह 
रहती है हरदम
ना जाने
कितने ही लोगों की 
रिश्तों की, नातों की 
और इन सबसे जुडी
छोटी-छोटी चीजों की 

व्यस्तता हरदम रहती है 
दिमाग दौड़ता रहता है 
और साथ हम भी 
इसी परवाह के पीछे 

क्यूंकि
लापरवाह कहलाना 
हमें चुभता है 
आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाता है 

पर आज एक बार बस 
बेपरवाह 
हो कर देखना है 
हर चिंता से, हर फिक्र से परे 
न मोबाइल की घंटी, न सन्देश  
न इन्टरनेट, न ई-मेल

बस अपनी ही मस्ती में 
बस अपनी ही दुनिया में
करें वो सब
जो करना चाहें 
निश्चिंत 
कौन क्या कैसे कर रहा है
उससे हमें 
कोई फर्क ना पड़े 
ना कोई समस्या हो
ना कोई उदेड-बुन 
ना ही समय-सीमा 
ना कोई बंधन

बस हवाओं को महसूस करें
आसमानों को छु लें 
पहाड़ो को चूम ले
नदियों में बह ले 
पछियों सा चहक़ ले, उड़ लें 
प्रकृति से  
एक अभूतपूर्व आलिंगन हो 
अलमस्त, अलबेले व् अनोखे अंदाज़ में

पर शायद 
ये ज्यादा देर संभव नहीं 
फिर वही परवाह 
खीच लाएगी आपको 
अपने साधारण जहाँ में 
जीवन में... 

क्यूंकि परवाह लापरवाह नहीं
बेपरवाह नहीं......


Theme by: Ms.Pratiksha Purohit

Image Courtesy: Google 


25 comments:

life on new track said...

very nice

anju(anu) choudhary said...

ये ही इस जीवन का कटु सत्य है ......आभार

Pratiksha Purohit said...

Excellent Prakash.

Sadhana Vaid said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ! सभी का मन कभी कभी विरक्त हो ऐसे ही सोचता है ! खूबसूरत रचना !

रश्मि प्रभा... said...

किस पंक्ति को रेखांकित करूँ , किस भाव को समेटूं ... सब तो एक राह दे रहे हैं

सदा said...

वाह ...बहुत ही बढि़या।

Keyur said...

क्यूँकी परवाह लापरवाह नहीं बेपरवाह नहीं................ वो तो आ ही जाती है............ छा रहे हो सरकार............ want to share one phrase "Live life as you wish, Before you forget what you wish"

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...





प्रिय बंधुवर प्रकाश जी
सस्नेहाभिवादन !

क्या बात है ! दिल ढूंढता है फिर वही फ़ुरसत के रात-दिन … :)
… लेकिन जीवन में हमें हर बात की परवाह करनी ही पड़ती है न !
सुंदर भावों से युक्त कविता के लिए बधाई !

मंगलकामनाओं सहित…
- राजेन्द्र स्वर्णकार

sushma 'आहुति' said...

ये ही इस जीवन का कटु सत्य है....बेहतरीन अभिवयक्ति.....

अनुपमा पाठक said...

सुंदर भाव!

NISHA MAHARANA said...

bahut badhiya.

Shreya said...

Lovey post.

pratik said...

awesome....
it is so beautiful bro..
very beautifully describe..
love it..

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

sundar bhavon se saji behtareen rachna.

Nityanand Gayen said...

सुंदर रचना , बधाई स्वीकारें

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

बहुत सुन्दर कृति ..सुन्दर उदगार व् सन्देश .......

भ्रमर ५
बाल झरोखा सत्यम की दुनिया
कृपया ...उधेड़-बुन .............
पंछियों सा चहक लें .........कर दें

Nidhi Shendurnikar said...

Nicely expressed ...its fun to be free and careless sometimes ... and live life as it comes

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब ... बेपरवा हो के जीना आसान नहीं ... सच कहा ...

Jyoti Mishra said...

beautifully written... loved the concept n flow.
Enjoyed as ever !!

Ruchi Jain said...

Really sometimes, we wanna free.. nice poem.

संजय भास्कर said...

बहुत सुन्दर....मुझे बहुत पसंद आई आपकी कविता..
शुभकामनाएं.
.... व्यस्त होने के कारण काफी दिनों से ब्लॉगजगत को समय नहीं दे पा रहा हूँ ...!

Vishwa Vyas said...

Bahot Khub!!!!

vidya said...

excellent....nice poetry.

Monika Jain said...

beautiful

Meghna Bhatt said...

NICE..

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